Class 12th Political Science chapter 2 | दो ध्रुवीयता का अंत | समकालीन विश्व राजनीति

 Class 12th Political Science chapter 2 | दो ध्रुवीयता का अंत | समकालीन विश्व राजनीति




दो ध्रुवीयता का अंत

  1. सोवियत प्रणाली क्या थी ?

  • रूस में हुई 1917 की समाजवादी क्रांति के बाद USSR अस्तित्व में आया। 
  • रूस की क्रांति के विरोध में  हुई थी एवं यह क्रांति समाजवाद के आदर्शो और समतामूलक समाज की जरुरत से प्रेरित थे। 
  • यह मानव इतिहास में निजी संपत्ति की संस्था को समाप्त करने और समाज को समानता के सिद्धांत पर सचेत  रूप से रचने की सबसे बड़ी कोशिश थी। ऐसा करने में सोवियत  प्रणाली के निर्माताओं ने राज्य और "पार्टी की संस्था" को प्राथमिक महत्व दिया
  • दूसरे विश्व युद्ध के बाद पूर्वी यूरोप के देश सोवियत संघ  के अंकुश में आ गए
  • सोवियत  सेना ने इन्हें फासीवादी ताकतों के चंगुल से मुक्त कराया था। 
  • इन सभी देशों की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था को सोवियत संघ की समाजवादी प्रणाली की तर्ज पर ढाला  गया।
  •  इन्हे ही  समाजवादी खेमे के देश या दूसरी दुनिया कहा जाता है। 
  • इस समाजवादी खेमे का नेता समाजवादी सोवियत  गणराज्य था। 
  • दूसरे विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ महाशक्ति के रूप में उभरा अमेरिका को छोडे  तो सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था पूरे विश्व की तुलना में कहीं ज्यादा विकसित है। 
  • सोवियत संघ  की संचार प्रणाली बहुत उन्नत थी  उनके पास विशाल ऊर्जा संसाधन था जिसमें खनिज तेल ,लोहा और इस्पात तथा  मशीनरी उत्पाद शामिल है।
  • सोवियत संघ के दूरदराज के इलाके भी आवागमन की सुव्यवस्थित और विशाल प्रणाली के कारण आपस में जुड़े हुए थे। 

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